Cooking Oil Price Drop 2025: भारत में रसोई तेल हुआ सस्ता, कीमत जानकार नहीं होगा भरोसा

नमस्ते दोस्तों! आज मैं आपको Cooking Oil Price Drop 2025 के बारे में बताने जा रहा हूं। रसोई में तेल की बोतल देखकर मां की चिंता कम होना, ये तो अच्छी बात है ना? 2025 में भारत में खाने के तेल की कीमतें गिर रही हैं। मैंने न्यूज में पढ़ा है कि ये गिरावट कई वजहों से हो रही है। चलिए, मैं सरल भाषा में समझाता हूं।

क्यों हो रही है रसोई तेल की कीमत में गिरावट 2025

2025 में सरकार ने बड़ा कदम उठाया। मई में इंपोर्ट ड्यूटी कम कर दी गई। पहले पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल पर 27.5% ड्यूटी थी, अब 16.5% हो गई। इससे रिटेल प्राइस में 5-6% की कमी आई। 0 ये सुनकर घर में सब खुश हो गए। मेरी मम्मी ने कहा, “अब महीने के खर्चे में कुछ बचत होगी।”

दूसरी वजह ग्लोबल मार्केट है। वेजिटेबल ऑयल के फ्यूचर्स प्राइस चार महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। चीन, भारत और यूरोप में बेयरिश सेंटिमेंट की वजह से प्राइस गिरे। 3 भारत में पाम ऑयल के इंपोर्ट अक्टूबर में पांच महीने के सबसे कम स्तर पर पहुंचे, क्योंकि डिमांड कम थी और स्टॉक ज्यादा। 1

सूरजमुखी ऑयल की कीमत 25 नवंबर 2025 को 1,402.80 रुपये प्रति 10 किलो हो गई। ये पिछले दिन से 0.21% कम है और महीने में 1.27% गिरावट आई। 2 जुलाई में एडिबल ऑयल इंपोर्ट 16% कम हो गए, सिर्फ 15.48 लाख टन। 4 नवंबर में स्टॉक 2.54 लाख टन कम हो गए। 10

फेस्टिवल सीजन में भी राइस और एडिबल ऑयल की प्राइस सीक्वेंशियली गिर रही थीं। सितंबर में कंपनियों ने कहा कि ये गिरावट जारी रहेगी। 17 पाम ऑयल की कीमतें सितंबर के बाद सबसे कम हैं। 18

Cooking Oil Price Drop 2025 का असर क्या होगा

ये गिरावट आम आदमी के लिए राहत है। घरों में तेल महंगा होने से बजट बिगड़ जाता था। अब मां को सब्जी, परांठा बनाने में कम खर्च। स्कूल में दोस्तों से बात की, सब कह रहे हैं कि मार्केट में 5-10 रुपये प्रति लीटर कम हो गया।

फिर, 2025/26 में पाम ऑयल इंपोर्ट 20% बढ़ सकते हैं क्योंकि प्राइस कम्पटीटिव हैं। 9 इससे सप्लाई अच्छी रहेगी और प्राइस स्थिर। लेकिन इंपोर्ट डिपेंडेंसी बढ़ेगी, जो चिंता की बात है। रिपोर्ट कहती है कि भारत अभी भी इंपोर्ट पर निर्भर है। 0

मेरे गांव में किसान अंकल कहते हैं कि लोकल प्रोडक्शन बढ़ाना चाहिए। मई में स्टॉक पांच साल के सबसे कम 1.35 मिलियन टन पर पहुंचे थे। 6 अगर प्राइस गिरते रहे, तो फूड इंडस्ट्री में डिमांड बढ़ेगी।

फायदे की लिस्ट:

  • घरेलू बजट में बचत: 5-6% कम प्राइस से महीने में 50-100 रुपये बचेंगे।
  • फेस्टिवल में सस्ता खाना: दिवाली, छठ में कम खर्च।
  • मार्केट स्टेबिलिटी: इंपोर्ट बढ़ने से कमी नहीं होगी।
  • कंज्यूमर खुशी: हेल्दी कुकिंग ऑयल सस्ता मिलेगा।

भविष्य में क्या हो सकता है

2025 खत्म होने वाला है, लेकिन Cooking Oil Price Drop 2025 का ट्रेंड जारी रहेगा। फरवरी 2025 में इंपोर्ट चार साल के सबसे कम पर थे, लेकिन अब रिकवरी हो रही। 8 गवर्नमेंट को लोकल प्रोडक्शन पर फोकस करना चाहिए। मैं सोचता हूं, अगर स्कूल में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट होता तो मैं सीखता।

दोस्तों, ये गिरावट अच्छी खबर है। लेकिन डेटा सही रखने के लिए मैंने न्यूज साइट्स चेक कीं। उम्मीद है आपको पसंद आया। कमेंट में बताओ, आपके घर में तेल की प्राइस कितनी है

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